Priya Kanaujia

Horror


4.5  

Priya Kanaujia

Horror


खौफनाक मंजर

खौफनाक मंजर

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हमारे समाज में बहुत सी परम्पराओं का बोलबाला है , उनमें कुछ तो बहुत ही भयानक और डरावनी भी होती है। शैली आज बहुत ही खुश थी क्योंकि आज वह अपने सपनों के राजकुमार नमन से शादी करने जा रही थी। शादी के बाद जब शैली अपने ससुराल पहुंचती है तो वह थोड़ी परेशान हो जाती है क्योंकि उसके ससुराल वाले एक ही दिन में उससे बहुत सारी रस्में करवा लेते हैं। शैली को रस्मों को करने से कोई एतराज़ नहीं था मगर अधिकतर रस्में अंधविश्वास पूर्ण थी । शैली एक शिक्षित और आधुनिक सोच की लड़की थी इसलिए उसे इन अंधविश्वासों से चिढ़ मच रही थी और हद तो तब हो गई जब उसे एक डरावनी रस्म करने को बोला गया।

शैली को सुनसान कब्रिस्तान में अकेले जाकर एक कब्र पर खाने की थाली रखने को कहा गया तो उसने साफ मना कर दिया और नमन की तरफ देखने लगी। नमन ने अपनी गर्दन झुका ली तो शैली को बहुत गुस्सा आया और वह अकेले कब्रिस्तान की तरफ निकल पड़ी। रात का समय था जिसकी वज़ह से काफी अंधेरा था और हवा के चलने की आवाज भी बहुत डरा रही थी। शैली एक हाथ में टाॅर्च और दूसरे हाथ में खाने की थाली लेकर चल रही थी। शैली के कान में अचानक एक डरावनी आवाज़ पड़ी मगर वह रुकी नहीं और तेज कदमों से आगे बढ़ने लगी। शैली उस कब्र तक पहुंच गई जहां पर उसे थाल रखनी थी । शैली ने जैसे ही थाल को कब्र पर रखा बहुत जोर का हंसी का ठहाका उसके कानों में गूंजा। शैली ने देखा सामने की एक भूतिया पहाड़ी पर घर था जहां से भयानक और डरावनी हंसी सुनाई दे रही थी। उस घर पर बिजली कड़क रही थी और पास के जंगल से सभी जानवरों के चीखने की आवाजें आ रही थी। हवा सांय-सांय करके चल रही थी और शैली को डर के मारे रोंगटे खड़े हो गए थे, माथे से पसीना तर-तर टपक रहा था। शैली ने जैसे ही वहां से भागने की कोशिश की वहां पर लगे नागफनी के पौधे का कांटा चुभ गया और उसके हाथ से खून टपककर कब्र पर गिर पड़ा। शैली वहां से आनन-फानन में भागी और सीधा अपने कमरे में जाकर सो गई ।

शैली धीरे-धीरे नींद के आगोश में चली गई और उसने सपने में देखा कि वह उसी डरावनी पहाड़ी वाले घर के बाहर खड़ी थी । घर के अंदर से एक आवाज आती है , शैली मेरे पास आओ । शैली दरवाजा खोलकर अंदर चली जाती है और देखती है कि सामने कोई काले लिबास में खड़ा है , उसके लम्बे- लम्बे दांत बाहर निकले हुए हैं जिसे देखते ही उसकी चीख निकल जाती है। शैली जोर- जोर से चीखते हुए बिस्तर से गिर जाती है और उसे होश आता है कि वह सपना देख रही थी । वह पानी पीने के लिए उठती है तो देखती है कि एक कमरे में नमन किसी लड़की को गले लगाये हुए लेटा था । शैली आग-बबूला होकर अपने कमरे में वापस आ जाती है और रोने लगती है। दूसरे दिन जब शैली तालाब पर पानी भरने की रस्म करने जाती है तो वहां चक्कर खाकर गिर जाती है और जब होश आता है तो ख़ुद को वह उसी पहाड़ी वाले भूतिया घर में पाती है । शैली डर से कांपने लगती है और चीखने लगती है। तभी वहां एक आदमी आता है और उससे कहता है कि मेरा नाम अनमोल है और आप मुझसे डरिये मत, आप तालाब पर बेहोश हो गई थी, आपको काफी चोट लगी थी इसलिए मैं आपको अपने घर ले आया। शैली ने डरते हुए पूछा कि आप इस डरावने घर में कैसे रह लेते हैं तो अनमोल ने कहा कि मैं तो सालों से यहीं हूॅं। शैली ने कहा कि पर मैंने तो कल रात यहां ! कोई सवाल नही अभी शैली जी अनमोल ने शैली को बीच में ही रोककर बोला। शैली जी आपको बहुत चोट लगी है पहले मैं दवा लगा देता हूं। अनमोल ने शैली की चोट पर जैसे दवा लगाई तो शैली को लगा जैसे उसे कोई अपना मिल गया हो। अनमोल ने शैली से कहा कि आप अपने पति से सावधान रहिएगा। शैली घर आ जाती है तो नमन उसको डांटते हुए पूछता है कि वह इतने देर से कहां गायब थी। शैली बिना कुछ बोले अपने कमरे में चली जाती है और सोचने लगती है कि उसके साथ इतना बुरा क्यों हो रहा है। उसकी आंखों में आंसू आ जाते हैं और वह देखती है कि सामने अनमोल खड़ा होकर उसके आंसू पोंछ रहा था। शैली सिसकते हुए अनमोल के गले लग जाती है मगर तुरंत होश संभालते हुए कहती है कि यह ग़लत है , तुम यहां कैसे आये। अनमोल शैली से कहता है कि मैं तुम्हारा पति हूं और हमारे बीच में कुछ भी ग़लत नहीं है। शैली ने कहा कि ये सब क्या बोल रहे हो मैंने कब तुमसे शादी की। अनमोल ने कहा कि उस रात तुम्हारा खून जब मेरी कब्र पर गिरा तो मेरी तुमसे शादी हो गई क्योंकि मरे हुए लोगों का यहीं कानून है कि अमावस की रात अगर किसी स्त्री का खून किसी भी कुंवारे लड़के की कब्र पर पड़ जाये तो उनकी आपस में शादी हो जाती है। इतना कहकर अनमोल शैली को अपना ड्रैकुला वाला रूप दिखाता है और फिर शैली को उसके पति का षड़यंत्र दिखाता है ।

शैली का पति नमन और उसके घर वाले दहेज के लालच में शैली का कत्ल करने की योजना बना रहे होते हैं। शैली में सब देखकर दंग रह जाती है। अचानक से नमन के कदमों की आहट सुनाई देती है तो अनमोल वहां से गायब हो जाता है।नमन शैली के सामने दूध का गिलास बढ़ाकर कहता है कि तुम बहुत थक गई हो , ये दूध पीकर सो जाओ। शैली दूध हाथ में लेकर नमन से कहती है तुम जाओ मैं दूध पी लूंगी। नमन के जाते ही शैली दूध को पास रखे गमले में डाल देती है और बिस्तर पर लेटकर बेहोश होने का नाटक करती है। नमन और उसके घरवाले कमरे में आते हैं और कहते हैं कि अच्छा हुआ नमन जो तुमने दूध में जहर मिला कर इसे मार दिया, इससे जान छूटी ,मर गई। तभी वहां अचानक से विचित्र सी घटनाएं होने लगती हैं , डरावनी हंसी सुनाई देती है और सब आपस एक-दूसरे को मारने लगते हैं। अनमोल सबके सामने आता है तो सब अपने सामने ड्रैकुला को देखकर जोर -जोर से चीखने लगते हैं। ड्रैकुला सबसे कहता है कि तुम सब में मैं सिर्फ एक को छोड़ सकता हूं अब तुम लोग सोच लो किसे जिन्दा रहना है। नमन ने अपने बाप को मार दिया खुद को बचाने के लिए और फिर सब ने खुद को बचाने के चक्कर में एक-दूसरे को मार डाला। शैली ने रोते हुए अनमोल को गले लगा कर कहा मुझे यहां से ले चलो अपने साथ। सुबह होते ही पड़ोसियों ने घर की हालत देखकर पुलिस को बुलाया तो पता चला कि क्या मामला है। अपनी तहकीकात में पुलिस ने पाया कि सबने एक-दूसरे को मारा था और अपनी बहू का कत्ल भी इन्ही लोगों ने करके उसे कहीं छिपा दिया। पुलिस ने लोगों को यह भी बताया कि ये लोग लुटेरे थे जो शादी करके नई दुल्हन को माल लूटकर मार देते थे। वहीं एक तरफ शैली अपने अनमोल के साथ पहाड़ी वाले घर में प्यार से रह रही थी। वह जगह अब जानबूझकर बहुत डरावनी बना दी गई थी ताकि वहां कोई नहीं आ सके। लोग वहां जाने से थर-थर कांपने लगे।



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