जाता समय आता समय
जाता समय आता समय
हस्तपुर के शहर में बसवंत नाम का युवक रहता था जो किसी भी तरह की नौकरी नहीं करता था जिसकी उम्र 28 साल थी जिसकी शादी की उम्र भी हो रही थी, कैसे न कैसे करके उसकी शादी हो गई। वह लड़की नौकरीपेशा थी जिसकी पचास हजार सैलरी थी बसवंत कोई काम भी नहीं करता था जिससे वह उस पर अपना पूरा हक जमाती थीं। जिससे दोनों के बीच लड़ाई झगड़े लगे ही रहते। बसवंत का शादी से पहले एक अफेयर चल रहा था जो विदेशी लड़की थी जिसका नाम लीसा था जब वह उसके हस्तपुर के शहर में घूमने आती थीं तब उसकी उससे बातचीत हुई थीं। बहुत दिनों बाद वह उसके शहर में आती है ओर वह बसवंत से मिलती है ओर उससे पूछती है - तुम शादी कर चुके हो। मुझको नहीं बताया?
बसवंत बोला - सब जल्दबाजी में हुई हैं क्या करे। वह घर आने को इनवाइट करता बसवंत की वाइफ गुस्से में बोलती किस को लेकर आ गए? ये मेरी दोस्त हैं जो कुछ दिन यही रहेगी हम दोनों के साथ। रात हो गई सब सो गए आधी रात होने पर लीसा उसके कमरे में आती और उसके साथ सेक्स करने लगती और बोलती मैं तुमको बहुत प्यार करती हूं लेकिन चुपचाप उसकी बीवी उसको देख लेती और गुस्से से बोलती मुझको तलाक चाहिए। फिर क्या दोनों तलाक ले लेते। लीसा बोलती - मैं किसी भी तरह तुमसे शादी करना चाहती हूं फिर क्या दोनों शादी कर लेते लीसा बहुत अमीर विदेशी लड़की थी जिसके पास पैसों की कोई कमी नहीं थी। लीसा के परिवार वाले उसको विदेश में 50 करोड़ का मकान देते लीसा के पिता जी बहुत से बड़े बड़े मॉल के मालिक होते जिससे दोनों के जीवन में कोई दिक्कत नहीं होती।
तनिश अपने परिवार के साथ विदेश में ही शिफ्ट हो जाता।
और दोनों हैप्पी लाइफ जीते।
शिक्षा : जो आपका दुःख होता हैं शायद वह कम समय के लिए होता होगा लेकिन आपका सुख लंबे समय के लिए हो सकता हैं।

