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Sawan Sharma

Tragedy Others

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Sawan Sharma

Tragedy Others

दिखावा

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"नारी, महिला, औरत या अंग्रेज़ी में कहे तो वुमन जितने अलग - अलग नाम, उससे भी ज्यादा रूप नारी के बिना न केवल अधूरा होता है, अपितु उसका अस्तित्व भी नहीं होता क्योंकि पुरुष को भी जन्म नारी ही देती है नारी अगर पार्वती है, सीता है तो वहीं नारी दुर्गा है, कालिका भी है " ये बातें एक महोदय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बता रहे थे..... कार्यक्रम के बाद कई समाज सेविकाओं का सम्मान किया गया उनको समाज कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया और कुछ धनराशि भी भेंट स्वरूप दी गई और प्रतिज्ञा ली कि महिलाओं का हमेशा सम्मान करेंगे कार्यक्रम के बाद सभी ने भोजन ग्रहण किया और घर को जाने लगे।

उन महोदय के पास एक महिला छोटे से बच्चे को ले कर आई और बोली "कुछ खाने को दे दीजिए" महोदय ने दुत्कार के बाहर निकाल दिया और बोले "जाने कहां कहां से आ जाते हैं" और बाहर पत्रकारों के सामने महिलाओं के सम्मान की बातें करने लगे।



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