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Anita Sharma

Classics Fantasy Children

4  

Anita Sharma

Classics Fantasy Children

चिंटू बना एलियन

चिंटू बना एलियन

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"सारा दिन मतरगस्ती करते घूमते हो पढ़ाई क्यों नहीं करते न ठीक से खाना खाते हो तुम बस किसी दिन मेरे हाथ से पीटने वाले हो चिंटू।,,

मां की डांट खाकर चिंटू दुःखी होकर सोचने लगा...

"काश मैं कोई मिलगया के एलियन जैसा होता तो मेरे पास बहुत शक्तियां होतीं। फिर तो मैं बिना पढ़े ही सबसे आगे होता।,,

ये सोचते सोचते चिंटू सो गया कि तभी कमरे के खिड़की दरवाजे अचानक खड़खड़ाने लगे और तेज रोशनी के साथ एक उड़नतश्तरी ने उसके कमरे के अंदर प्रवेश किया उसमें से तीनचार एलियन बाहर आये और चिंटू को जगाकर बोले कि.....

" आपके मन की बात हमारे यहां के प्रधानमंत्री के कंप्यूटर ने कैप्चर कर लीं और उन्हे पसंद भी आईं इसलिये आपकी इक्षा को पूरा करने के लिऐ उन्होंने आपको हमारे ग्रह पर बुलाया है चलिये।,,

चिंटू तो खुशी से पागल हो गया वो जल्दी से तैयार होकर चल दिया उनके साथ।वहां पहुंचते ही सबसे पहले सभी एलियनों ने चिंटू के कपड़े उतार दिये और उसे बड़ी-बड़ी मशीनों के सामने बिठा दिया और खुद उसको उनके बारे में समझाने लगे। सिखाते सिखाते जब दो तीन घंटे बीत गये अब चिंटू को भूंख लगी तो उसने वहां खाना मांगा।

वो सोचरहा था कि वो लोग अभी कुछ बढ़िया सा चटकारे दार खाना उसके सामने रखेंगे और उससे उसे खाने का आग्रह करेंगे पर ये क्या उन्होंने तो उसे जलती चुभती कड़कड़ाती धूप में बांधकर खड़ा कर दिया।और खुद भी वहीं खड़े होकर खुदको चार्ज करने लगे। भूंख और गर्मी से परेशान चिंटू को अपने मां के खाने की याद आने लगी।वहां सारे एलियन चार्ज हो चुके थे तो वापिस उन्होंने उसे बड़ी बड़ी मशीनों के आगे बिठा दिया सीखने को।अब उसे अपना स्कूल अपनी पढ़ाई अपना घर और अपनी पृथ्वी अच्छी लग रही थी।

क्योंकि वहां उसे न तो खाने पीने को कुछ मिला था न खेलने को न ही मां पापा का प्यार वहां तो बस सभी यंत्रवत काम किये जा रहे थे।अब चिंटू तुरंत वहां से वापिस आना चाहता था। यहां उसका मन उन मशीनों से हटा वहां सारे एलियनों ने उसे उठाकर नीचे फेक दिया ।अचानक चिंटू की नींद खुली और वो तुरंत सुबह के चार बजे अपनी किताबें लेकर पढ़ने बैठ गया।क्योंकि वो समझ गया कि जो प्यार दुलार और खुशी उसे यहां अपने परिवार अपनी पृथ्वी पर मिलती है वो किसी दूसरे ग्रह पर कभी नहीं मिल सकती।



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