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Antariksha Saha

Drama

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Antariksha Saha

Drama

ज़िंदगी

ज़िंदगी

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इतनी भी

नाराज़गी ठीक नहीं,


कि फासले

उम्र भर को हो जाये।


पल भर का

जीना है यारों,


बेगाने लोगों को छोड़

यहाँ अपनों से फुरसत नहीं।।


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