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Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

Inspirational

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Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

Inspirational

युवा आजकल

युवा आजकल

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युवा आजकल कुछ हो रहे दिग्भ्रमित, 

दूषित संगति रही कर उनको संक्रमित। 

यौवन है यथार्थ में लहर तरंग आक्रमित,

आओ हम दें इसको सुखद गति क्रमित।


जीवन लक्ष्य एक दीप प्रकाश सुबाती है,

वे तो देश की अनुपम ,अजेय थाती हैं।

यौवन विचार क्रांति धारा की एक आंधी,

 क्या कभी ये जा सकी जंजीरों से बांधी। 


उन्माद ये ऐसा, पल में जो जगा दे विद्रोह,

अपने से उतर लाए धरा पर प्रलय विमोह।

 न छोड़ो न छोड़ो उन्हें यों जूझते अकेला,

 निकल जाएगा ये भी चार दिन का रेला। 


युवा सार्थकत्व जब है बने मां बेटी रक्षक, 

कोई उठा न सके आंख ,बचपन के भक्षक।

त्यागी व तपस्वी युवा योगी मोदी सृजता,  

दे नई दिशा भारत को, स्वर्णिम जग रचता।



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