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AMAN SINHA

Tragedy

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AMAN SINHA

Tragedy

युवा @ २०१९

युवा @ २०१९

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कटे फटे सब यहां वहां से कैसा ये पहनावा है

दिखता है तन पूरा इनका कैसा ये दिखावा है

इंग्लिश में खिटपिट करते है हिंदी इनको खलती है

मौसी आंटी बन गयी अब और माँ मॉम कहलाती है


लहे हुए है चाट पे हरदम मुँह से बात नहीं करते

अपने घर के लोगो का बिलकुल ध्यान नहीं धरते

बात बात पे गाली देना स्वैग इसी में मिलता है

सिगरेट दारू छोड़ के इनको कभी नहीं कुछ

दीखता है


कपड़े जूते हाथ घड़ी हो सबकुछ ब्रांडेड होता है

सब खर्चो को पूरा करना बाप के सर पे होता है

रात सो जागना दिन को सोना जीवन की ये मर्यादा है

रिश्तों का कुछ मोल नहीं पर मोबाइल की

कीमत ज्यादा है


पूरा जीवन मिथक इनका मिथक दुनियादारी है

छूटपन का कोई यार नहीं अब फेसबुक पर यारी है

बचपन इनका मर चुका है और नाकाम जवानी है

मन में ना है जोश किसी के ना आँखों में पानी है


भाव सभी है डिजिटल इनके सोशल मीडिया के

पन्नों पर

सोच भी जलके राख हो गयी मिम्स के झूठे दंगों पर

टिकटोक इनका कॉलेज हो गया प्यार मिल गया

टिंडर पर

युटुब इनका लैब हो गया बुक्स मिल गया किंडल पर



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