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Dhan Pati Singh Kushwaha

Tragedy

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Dhan Pati Singh Kushwaha

Tragedy

युक्ति मुक्त्ति की

युक्ति मुक्त्ति की

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प्रिय डायरी में लॉक डाउन का चौदहवां दिन

सात अप्रैल,सन् दो हजार बीस


कोरोना भय हो रहा व्याप्त जगत में, 

सकल भूमण्डल पर मचा है हाहाकार।

भारतीय नियोजन से बृद्धि धीमी है फिर भी,

आंकड़ा हुआ साढ़े चार हजार के भी उस पार।


राष्ट्ररक्षक लगे हुए हैं निज कर्त्तव्य के पथ पर,

और मिल रहा है उनको जन सहयोग अपार।

राज्यों के मुख्यमंत्री सक्रिय प्रधानमंत्री के संग,

सब मिल जुलकर करते पारस्परिक विमर्श विचार।


औषधि हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्विन साबित हो रही कारगर है इस बार,

इसके प्राथमिक प्रयोग हैं सिद्ध हो रहे कोरोना का संभावित उपचार।

भारत का इसका है प्रधान उत्पादक,अब होगा अपना और वसुधा उद्धार,

अपनी जरूरतों को करते हुए पूरा, यथासंभव करेंगे हम सबका ही उपचार।


आने वाला कल बुधवार है चैत्र पूर्णिमा,प्रभु हनुमत के जन्मोत्सव का सुंदर त्योहार,

जयंती स्वर्ग गए की होती है, चिरंजीवी हनुमत जी का होता है जन्मोत्सव हर बार।

बल-बुद्धि-विद्या मिलेगी हम सबको,और प्रभु जग को दो कोरोना मुक्ति का उपहार।

जब देवों की विपदाएं टालीं, कोरोना से मुक्ति भी होगी ऐसा है सबका दृढ़ विचार।


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