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Javed Ali

Abstract

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Javed Ali

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यही तो है जिंदगी

यही तो है जिंदगी

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गमों को भूलकर,

तुमने हंसना सीखा है,

हां यही तो है जिंदगी

जो तुमने जीना सीखा है

मुस्कुराकर बना लेते हो

संघर्ष को भी अपना साथी ! 

ए दोस्त !


तुमने यह हुनर बहुत खूब सीखा है

कांटे भी हैं,फूल भी है कई, राहों पर

कांटो पर चलना,

चलकर फूलों सा बिखरना भी तुमने

क्या खूब सीखा है !


चाहते अधूरी ही सही,

मन्नतें ना पूरी ही सही,

इस अधूरेपन में भी जिंदगी को जिया

और पूरा जिया है

सच में ऐ दोस्त ! 


तुमने जीना सीखा है

और क्या खूब जिया है

हम तो राही हैं अनजान सफर के

चलो तुमसे ए दोस्त !


इस सफर का मकसद भी सीख लिया है!!

रुकना ना तुम, थकना ना तुम,

दूर तुम्हें बहुत दूर जाना है

अपनों के खातिर अपना घर सजाना है !


हमें पता है हर संघर्ष में

तुम्हारे साथ है तुम्हारे "कान्हा"

चलो कृष्णदासी !अब क्या कर लेगा,

तुम्हारा ये जमाना !


तुमने तो हर बाधा हर लिया है

"कान्हा"को जब से अपना कर लिया है

देखो तो हर तरफ दोस्त ही दोस्त है तुम्हारे !

दुश्मनों को भी इस कदर 

तुमने माफ कर दिया है !


मोह,माया से उठकर तुमने

प्रेम का ऐसा साथ दिया है

अपने तो अपने हैं

गैरों पर भी सब कुछ वार दिया है !


हां यही तो है जिंदगी

जो तुमने जीना सीखा है ! 

जानते हैं बहुत कुछ

सीखा है तुमने जिंदगी से

चलो यह भी अब जान लो-


"विभा"तुम हो वह रोशनी की किरण

जिसके आने से "अली"भवरे ने भी

उड़ना सीख लिया है।


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