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sandeeep kajale

Tragedy

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sandeeep kajale

Tragedy

ये मलाल इश्क़

ये मलाल इश्क़

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दिलों में भरी है अजीब सी रंजिशें

क्यों करता है, ये साजिशें ?


ज़िन्दगी को अपनाना चाहते हैं

लेकिन हम हमेशा खाली रहते हैं।


ख़्वाबों को रख ना सके पास

उम्मीदों के दामन लगायी गलत आस।


इसने कैसी लिखी दास्ताँ

मंजिलें बदली, बदल गया रास्ता।


ना बन सके, किसके हमराह

दूर कर दी, हमसे हमारी चाह।


इसने दिया हमे हमेशा दर्द

ऋतु बदल गए, हवा बानी सर्द।


अपनों से दूर होकर कहाँ खो गए

लगता है, अंजानी सेज पे सो गए।


इसका रंग अजीब, ये तो है लाल इश्क़

यही है सितमगर, ये मलाल इश्क़।



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