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Asmita prashant Pushpanjali

Abstract

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Asmita prashant Pushpanjali

Abstract

ये कैसा दिल है माँ तुने पाया

ये कैसा दिल है माँ तुने पाया

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ये कैसा दिल है माँ

तुने पाया।


गोद में बच्चा

होठों पर मुस्कान

आँख मे आंसू

ये कैसा दिल है माँ तुने पाया।


तेरी ममता है दुनीया से परे

चोट मुझे, पानी तेरी आँखो में आया।

ये कैसा दिल है माँ

तुने पाया।


है इन्सान पर कितने एहसान

जन्म जो उसने 

माँ की गोद से पाया

ये कैसा दिल है माँ

तुने पाया।


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