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Indu Jhunjhunwala

Abstract


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Indu Jhunjhunwala

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करोना जनाब है

करोना जनाब है

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निकलो न बेनकाब , 

करोना जनाब है ।

पर्दा प्रथा चलन करो , 

करोना जनाब है ।


जब भी मिलो तो दूरी,

एक गज की नाप लो, 

नजदीक ना हो स्वास , 

करोना जनाब है।


सेनिटाइजर में खूशबू 

कोई भी हो ना हो ,

मलते रहो बस हाथ ,

करोना जनाब है ।


बाहर की हवा चाहिए तो ,

छत पे घूम लो ।

किसी बाग में न जाओ ,

करोना जनाब है ।


मिले नाजनीन, नैनों से 

ही प्रीत जोड लो ,

पकडों न उसका हाथ,

 करोना जनाब है ।


अब किसके साथ है , 

और किसके पास है , 

चलता नही पता, छुपा , 

करोना जनाब है ।


ये वैक्सीन के सत्र दो , 

लेना हो ले ही लो ,

फिर भी रखो खयाल , 

करोना खराब है ।


पर एक बात माननी

 होगी करोना की ,

ना भेदभाव करता

 करोना शराब है ।


बूढे हो बच्चे हो ,या 

औरत या मर्द हो,

हो कोई जात साथ ,

करोना जनाब है ।


लोकतन्त्र देश में , 

ये सीख कम नहीं, 

हर किसी को थामता,

 करोना जनाब है । 


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