STORYMIRROR

Indu Jhunjhunwala

Inspirational

4  

Indu Jhunjhunwala

Inspirational

तीन दृष्टिकोण

तीन दृष्टिकोण

1 min
342

एक दृष्टि

ये तिथियाँ 

ये दिन ये ने दिनमान

सब कुछ नया 

 पुरानी 

जो नींव रखी थी ना 

किसी ने

उसी पर खड़ा है 

ये महल 

जो हर रोज

दिल से झुकना चाहता है 

उस नींव के समक्ष

जिसके बिना

 आज कुछ भी

नया और सुन्दर 

नहीं होता!!!


एक दृष्टा-


ये तिथियाँ

ये दिन

ये दिनमान

हर रोज नयापन

सिर्फ अहसास

सत्य सुदूर इससे

परिवर्तनशील संसार में

कुछ भी नया नहीं 

बस चक्र है घूमता रहता है

और हम

नया जान

खुश हो लेते हैं !


 एक सृष्टि-


ये दिन

ये तिथि 

ये दिनमान

फिसल जाने वाले।

आओ जी लें

इस पल को 

जीभर

कल एक नई सुबह

का इन्तजार

क्यूँ करें।


ಈ ವಿಷಯವನ್ನು ರೇಟ್ ಮಾಡಿ
ಲಾಗ್ ಇನ್ ಮಾಡಿ

Similar hindi poem from Inspirational