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Neeraj "NeeR"

Classics

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Neeraj "NeeR"

Classics

यादें

यादें

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यादें हर बार तुझे ही पाती हैं

तेरी ही साँसों मे सोती आौर जग जाती हैं

मुझे पल-पल हँसाती और रुलाती है

भीगती आँखों से अश्क ये बहाती हैं।


यादें हर बार तुझे ही पाती हैं

धड़़कने बढ़ती हैं दिलों की,

बढ़ती चली जाती हैं

मुझे, मेरी नींदों में सुलाती और जगाती हैं।


पल-पल सताती,

पल-पल तड़पाती हैं

यादें हर बार तुुझे ही पाती हैं

तुझे ,मेरे लवों पर कुछ

इस कदर ठहराती हैं।


जैसे, मोतियााँ सीपों में ठहर जाती हैं

मेरे कानों मे ये मधुर गीत गुनगुनाती हैं

कुछ पल के लिए मेरे सीने से लिपट जाती हैं

येे यादें हर बार तुझे ही पाती हैं।


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