Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Dedicated to Youth Neeraj Singh

Others

5.0  

Dedicated to Youth Neeraj Singh

Others

गुमसुम

गुमसुम

1 min
283


जब होता हूँ गुमसुम मैं

कुछ अपने याद आते हैंं

कुछ पल भर ठहर जाते हैंं

कुछ गुमनाम हो जाते हैंं

अजनबी बनकर वो

हमसे यूँ ही रूठ जाते हैंं

कुछ अबद मेरे दिल को

यूँ बार – बार तड़पाते हैंं

जब याद उनकी आती हैं

वो आइना बन जाते हैंं

देख लेता हूँ अगर मैं

वो मुस्कुरा के चले जाते हैंं।

फकत मेरे दिल को यूँ

बार – बार तड़पाते हैंं

जब होता हूँ गुमसुम मैं

कुछ अपने याद आते हैंं

हैं, आरज़ू मेरी उनसे

जो दिल से दिल मिलाते हैंं

ढूंढ़ते हुए मुझे इश्क के

गुलिस्तां में चले जाते हैंं

ना करें वो रुखसत मुझे दिल से

जो ख्वाबों में मुझे

अकेला छोड़ जाते हैंं

कभी जिंदगी ने साथ छोड़ा

कभी अपने छोड़ जाते हैंं

क्यों मेरे दिल को यूँ

बार – बार तोड़ जाते हैंं

क्या जिंदगी में मेरी

मुझे सताने ही आते हैंं

जब होता हूँ गुमसुम मैं

कुछ अपने याद आते हैंं।


Rate this content
Log in