याद आती है यादों की
याद आती है यादों की
रहे दूरियाँ तो क्या हुआ
याद नज़रों से नहीं, दिल से किया जाता है !
मेरी यादों की कश्ती उस समुन्दर में तैरती है,
जहाँ पानी सिर्फ और सिर्फ मेरी पलकों का होता है !
न चाहकर भी मेरे लब पर फ़रियाद आ जाती है,
ऐ चाँद सामने न आ किसीकी याद आ जाती है !
कुछ तो बता ए उदास शाम,
भुलाने वाले को किस तरह याद आऊँ !
कितने अजीब इंसान है तेरी दुनिया में ऐ खुदा,
शौक ऐ मोहब्बत भी रखते है
और याद तक नहीं करते !
तारे भी जमीन पर रात को उतरते है,
ख्वाब हमारे तेरी याद में बिखरते है !
ये वो बरसात है जिसका कोई मौसम नहीं होता,
टपक पड़ते है आँसू जब किसी की याद आती है !
रंग तेरी यादों का उतर न पाया अब तक,
लाख बार खुद को आँसुओं से धोया हमने !
दो जवाँ दिलों का ग़म दूरियाँ समझती हैं,
कौन याद करता है हिचकियाँ समझती हैं !
यादें बनकर जो रहते हो साथ मेरे,
तेरे इतने अहसान का सौ बार शुक्रिया !
हर सुबह यही सोचता हूँ की
बहने न दूंगा मेरे आंसुओं को,
रात होती है,
ख्वाब आते है और मैं हार जाता हूँ !

