STORYMIRROR

इंदर भोले नाथ

Tragedy

2  

इंदर भोले नाथ

Tragedy

वरना नस्लें तो इनकी भी इंसानी

वरना नस्लें तो इनकी भी इंसानी

1 min
187

इन आँखों में भी सपने हैं

इस दिल में भी कुछ अरमां हैं

बस गर्दिशों में टूटे तारों जैसी

इनकी भी कहानी है

वरना नस्लें तो इनकी भी इंसानी..!!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy