STORYMIRROR

इंदर भोले नाथ

Tragedy

2  

इंदर भोले नाथ

Tragedy

वरना नस्लें तो इनकी भी इंसानी

वरना नस्लें तो इनकी भी इंसानी

1 min
195

इन आँखों में भी सपने हैं

इस दिल में भी कुछ अरमां हैं

बस गर्दिशों में टूटे तारों जैसी

इनकी भी कहानी है

वरना नस्लें तो इनकी भी इंसानी..!!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy