नहीं तो वो ज़िंदगी
नहीं तो वो ज़िंदगी
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वही अपने सारे हैं
चाँद भी वही तारे भी वही
वही आसमाँ के नज़ारे हैं
बस नहीं तो वो ज़िंदगी
जो बचपन में जिया करते थे
वही सड़क वही गलियाँ
वही मकान सारे हैं
खेत वही खलिहान वही
बागीचों के वही नज़ारे हैं
बस नहीं तो वो ज़िंदगी
जो बचपन में जिया करते थे
