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Sumit. Malhotra

Romance

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Sumit. Malhotra

Romance

वर-वधू बन जाते

वर-वधू बन जाते

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परदेसी कब आना अपने घर, 

बनो वधू और हम तुम्हारे वर।


दोस्तों ये परदेसी कब ठहरे हैं

वो कुछ दिनों के लिए ठहरे हैं। 


परदेसी से कभी दिल ना लगा, 

कुछ दिन अपने फ़िर देगें दग़ा। 


परदेसी से मेलजोल ना बढ़ाना, 

दिल से खेलकर होगें ये रवाना। 


परदेसी से अच्छे आँसू है प्यारे, 

याद करते ही बह जाते है सारे। 


जब हम-तुम वर-वधू बन जाते, 

बुढ़ापे तक वादा साथ निभाते। 


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