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sadhna Parmar

Romance Classics Inspirational

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sadhna Parmar

Romance Classics Inspirational

वो ख़ूबसूरत शाम

वो ख़ूबसूरत शाम

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सूरज ढल चुका है,

शाम भी रंगीन हो रही है,


हवा भी प्यार फैला रही है,

आसमान भी तारों से चमकने वाला है,


दिल की धड़कन थोड़ी तेज चल रही है,

धीरे-धीरे वो हसीन लम्हा आने वाला है,


एक ख़ूबसूरत शाम का साथ है और,

मेरा हमसफ़र मेरे साथ है।


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