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Chandresh Kumar Chhatlani

Inspirational

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Chandresh Kumar Chhatlani

Inspirational

वो बहादुर लड़की

वो बहादुर लड़की

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वो लड़की डरती नहीं,

है बहादुर बड़ी।

सपनों की चुनरी को,

लहरा देती है चोटियों के झंडों पे।


छोटी उम्र जैसी दिखती साईकल के,

घुमा देती है पैडल,

घुमा देती है पूरी धरती उसके पहियों को।


आसमां पे टिका के नज़र,

वो देखती नहीं कोई गिरता एप्पल।

वो देखती है उठती हुई हवा,

और भर लेती है उसे साँसो में,

बन जाती है गुब्बारा।


वो बनती नहीं बम,

क्योंकि ममता है ना उसमें।

और यही तो उसकी बहादुरी है।

नितांत, सनातन शक्ति।


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