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वक्त

वक्त

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रुक ना पाया 

मैं तो कभी भी 

वक्त की तरह 

बहता रहता हूँ !

पल भर गर आ जाए 

जीवन में ठहराव 

रुक जाए इस 

नदिया का बहाव 

पल पल करता 

छल छल बहता 

पानी सा वक्त 

बहे जाता है 

गौर से सुन लो 

तो सुन पाओगे 

वक्त ये तुमको 

क्या कहता है 

वक्त की राह में 

बाधा बनो ना 

मिट जाओगे 

मर जाओगे 

वक्त के साथ 

चलोगे ही तो 

वक्त से हाथ 

मिला पाओगे !!


साहित्याला गुण द्या
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