विश्वास
विश्वास
ईश्वर पर कर विश्वास
वो हैं सदा तेरे पास
जब भी तू करता आस
नहीं इसमें कोई फांस
उसका ध्यान कर
मन मैं कर आभास
पायेगा उसे अपने पास
इसमें नहीं साँच को आंच
दुनिया के बंधन को तोड़
ईश्वर से बाँध मन की डोर
जब भी नाचे मन का मोर
जप ले प्रभु को सांझ
हो या भोर
मीरा पी गयी
विष का प्याला
कर विश्वास प्रभु पे सारा
नानी बाई रो भरो मायरो
द्रोपदी का चीर बढ़ाया
पायेगा तू प्रभु को एक दीन
कर मन मैं विश्वास
नहीं छोड़ ये आस
ईश्वर हैं तेरे पास
ईश्वर हैं तेरे पास
प्रभु के चरणों का
बन जा दास
नित प्रति दिन कर
प्रभु से अरदास
बनालेंगे प्रभु तुझको
अपना खास
अपने मन मैं रख
ईश्वर पे विश्वास।
