विक्रम और बेताल
विक्रम और बेताल
मेरे प्रिय हिमालय,
आपके लिए एक सुखद समाचार है,
जिस तरह दुनिया की हर एक चीज़ का वक़्त आ जाता है,
ठीक उसी तरह मेरे अंदर की ज़िद्द की भी अब उम्र हो गयी है,
वह अब बूढी हो रही है, तो अब
आपको बस यह बताने वास्ते लिख रहा हूँ कि,
आपकी ही तरह, मेरी ढृढ़ता, मेरी इच्छाशक्ति, मेरी ज़िद्द
अब ओर ज्यादा कड़ी, ओर ज्यादा कठोर,
हर बीतते पल के साथ ओर ज्यादा ताकतवर होती जा रही है,
जैसे जैसे उसकी उम्र बढ़ रही है,
आपके प्रति दीवानेपन की हद से गुजर जाने की ज़िद्द भी बढ़ रही है
हे देवगिरि !
पल भर को भी इसे किसी शर्त या बाज़ी,
या हम दोनों के बीच का,
जीत हार का खेल मत समझना
मैं तो आपको बस यह बताने के लिए लिख रहा हूँ की,
ये सब बस समय की बात है अब, जब
मैं आपकी पीठ पर श्रम की सवारी करूँगा, साथ आपके
आपसे वो सभी कहानिया, सब किस्से सुनूंगा
हर्षित कहानियां, दुःख की कहानियां,
कहानियां जीत की, फ़तेह की, उल्लास की,
कहानियां वीरता की, साहस की,
क्रीड़ा की, पीड़ा की,
स्वीकृति की, अस्वीकृति की,
अपनेपन की, बेगानेपन की,
अपनाने की, ठुकराने की
उत्साह की, अवसाद की
सब कहानियां
बन बेताल मेरे विक्रम से मैं सब सुनूंगा, और फिर,
खुद एक कहानी बन आपकी गोद में सर रख हमेशा के लिए सुकून की नींद सो जाऊंगा,
तब हे मेरे सारथी !, मेरे मार्गदर्शक !
हे मेरे कृष्ण ! तुम
इस दुनिया को मेरी दास्तान सुनाना
कहानी मेरे प्रयासों की, मेहनत की
कहानी जिद्दो -जहद की, प्रयत्न की
वो कहानी जिस के सिर्फ और सिर्फ तुम ही साक्षी होंगे,
कहानी जिसका शीर्षक होगा
"वह लड़का जिसने कोशिश की "
कोशिश की वीरता से, हिम्मत से, ढृढ़ता से, ज़िद्द से
कहानी उस बंदे की जिसने कभी हार नहीं मानी
मुमकिन है, मैं तुम्हारे लिए सबसे जानदार -शानदार, चमकदार या कोई
बलवान, , दमदार, सबसे तगड़े और समर्थ इंसान की कहानी ना छोड़ कर जाऊं,
पर हे सगरमाथा!
एक चीज़ जिसका शत प्रतिशत आश्वासन दे सकता हूँ मैं तुम्हे की,
मेरी कहानी होगी श्रम की,
बिना किसी हद की
भले ही मेरी कहानी में जीत का जिक्र ना रहे, पर
उसमें भूख असीमित होगी, टूट कर चूर चूर होने की होगी, कभी ना थकने की होगी
मेरे उद्यम - बेहिसाब की होगी,
गिर कर फिर कैसे उठा जाता है, यह सीख वाली होगी।
कहानी ऐसी होगी मेरी
जो तुमने, इस मानव जाती के इतिहास ने, कभी सुनी ना देखी ही होगी,
आपको बस यही बताने लिख रहा हूँ मैं,
मैं आ रहा हूँ आप पर उदय होने, सवार होने, अपना गीत खुद लिखने,
आपके साथ उसके बोल गुनगुनाने, आपकी अनंत शक्ति संग ताल से ताल मिलाने,
संग आपके मुस्कुराने अब अपने कदम बढ़ा रहा हूँ मैं।
यही सुखद समाचार देने, आपको बस यही बताने लिख रहा हूँ मैं।
