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Garima Kanskar

Inspirational

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Garima Kanskar

Inspirational

विकलांग का दर्द

विकलांग का दर्द

1 min
247


मैं आम इंसानो की तरह

अपने पैरो पर

नहीं चल सकती

फिर भी मैं तन से 

नहीं

मन से

अपने पैरों में खड़ा होना

चाहती हूँ

मैं किसी पे बोझ 

ही बनना चाहती

अपना बोझ 

खुद उठाना चाहती हूँ

माना किस्मत ने

मुझें पैर नहीं 

दिये

फिर भी अपनी

किस्मत खुद लिखना चाहती हूँ

और लोगो को 

दिखाना चाहती हूँ!


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