STORYMIRROR

सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

3  

सोनी गुप्ता

Abstract Inspirational

विजयदशमी का पर्व

विजयदशमी का पर्व

1 min
387

विजयादशमी पर्व पर मन के सभी विकारों का नाश हो, 

अंधियारा हो जाए समाप्त चहुँ ओर प्रकाश ही प्रकाश हो, 


अहंकार को त्यागकर मिठास घुल जाए हर रिश्तों में जब, 

छल प्रपंच सब दूर रहे सबके अधरों पर बस मुस्कान हो,


प्रण लो अपने जीवन में अन्याय का ना कभी साथ देगो, 

छल -कपट से दूर रहो सन्मार्ग की तरफ तुम्हारी राह होI


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract