STORYMIRROR

Antariksha Saha

Romance

3  

Antariksha Saha

Romance

वहम

वहम

1 min
330

तुम और हम एक ना हो पाए

इसका कोई मलाल नहीं

चलो एक तजुर्बा तो हुआ

जिंदगी साथ नहीं ना सही

यादों का पिटारा तो हुआ !

ना तुम गलत थे ना मै सही

वक़्त गलत था जिसमे हम एक ना हो पाए

मना लिया है दिल को मैंने

आज सच गलत है झूठ सही

क्यों की आज भी तुम पास हो

ऐसा वहम सच है! 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance