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Antariksha Saha

Romance

4.0  

Antariksha Saha

Romance

वहम

वहम

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तुम और हम एक ना हो पाए

इसका कोई मलाल नहीं

चलो एक तजुर्बा तो हुआ

जिंदगी साथ नहीं ना सही

यादों का पिटारा तो हुआ !

ना तुम गलत थे ना मै सही

वक़्त गलत था जिसमे हम एक ना हो पाए

मना लिया है दिल को मैंने

आज सच गलत है झूठ सही

क्यों की आज भी तुम पास हो

ऐसा वहम सच है! 


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