Vinita Rahurikar
Tragedy
बनाती है रोटियाँ
चूल्हे, अँगीठी, स्टोव, गैस पर
परोसती है घर भर को
गरमा-गरम खाना,
और अपनों की भूख की खातिर
उम्र की धधकती आँच में
खुद तिल-तिल सुलगकर
राख होती रहती है.....।
प्रेम
चल रही हूँ मै...
कहाँ नहीं हो ...
आईना
मुहब्बत बंजार...
बेटा...
तलहटी
वर्जनाएँ...
विश्व एकता दि...
जीवन एक खेल.....
हर पल ये आंखें ढूंढे तुम्हे, पर क्यों नहीं नज़र आते आप मुझे। हर पल ये आंखें ढूंढे तुम्हे, पर क्यों नहीं नज़र आते आप मुझे।
पैसा सुख है,पैसा है शांति,है पैसा ही मान, सम्मान, पैसे के बल पर औकात की बात करता यहाँ पैसा सुख है,पैसा है शांति,है पैसा ही मान, सम्मान, पैसे के बल पर औकात की बात क...
चलो वैक्सिनेसन करवाने लोग क्या कहेंगे, छोड़ कर। चलो वैक्सिनेसन करवाने लोग क्या कहेंगे, छोड़ कर।
बता दे बाबा क्यूँ ऐसे दी मुझे विदाई ? क्या तुझे कभी मेरी याद न आई ? बता दे बाबा क्यूँ ऐसे दी मुझे विदाई ? क्या तुझे कभी मेरी याद न आई ?
भूख ले आती है सड़कों पर बाजारों में गलियारों में । भूख ले आती है सड़कों पर बाजारों में गलियारों में ।
प्रकृति का अनादर प्रकृति का अनादर
लेकिन अपनों का अपनापन कठिन काल में ही दर्शाये, लेकिन अपनों का अपनापन कठिन काल में ही दर्शाये,
उसे लगता है कि हम फिर बहक जायेंगे, उसके प्यार में उसके दीदार में बेखबर होकर। उसे लगता है कि हम फिर बहक जायेंगे, उसके प्यार में उसके दीदार में बेखबर होकर।
सोच कोशिश मैं फिर कर लूँगा कम से कम मेरे खत का जवाब आ गया। सोच कोशिश मैं फिर कर लूँगा कम से कम मेरे खत का जवाब आ गया।
बन मानव तू हितैषी और बन जा ! बेहतर इंसान।। बन मानव तू हितैषी और बन जा ! बेहतर इंसान।।
आकर बंध जा मेरी रिश्तों की उधड़ी हुई सिलाई से। आकर बंध जा मेरी रिश्तों की उधड़ी हुई सिलाई से।
ऐसा मजबूत सिस्टम अब मिल जुल बनाना है, अब देश के लिए कुछ कर के दिखाना है, ऐसा मजबूत सिस्टम अब मिल जुल बनाना है, अब देश के लिए कुछ कर के दिखाना है,
महज़ अपने आप मै कला है वो उस कला का कलाकार बनने का दिल भी करेगा। महज़ अपने आप मै कला है वो उस कला का कलाकार बनने का दिल भी करेगा।
एक वृक्ष यदि कट जाये तो, दस वृक्ष लगाओ। एक वृक्ष यदि कट जाये तो, दस वृक्ष लगाओ।
विश्वास होता नई तो कहीं लगवा लो अंगुठे हमारे। विश्वास होता नई तो कहीं लगवा लो अंगुठे हमारे।
नज़र में नहीं जंचता कोई हम कितने मजबूर हुए। नज़र में नहीं जंचता कोई हम कितने मजबूर हुए।
लेकिन आया नहीं वादा करके मिलने यादों में रोज़ उसकी तड़फते रहे लेकिन आया नहीं वादा करके मिलने यादों में रोज़ उसकी तड़फते रहे
तेरी यादों ने फिर से बेवजह दखल दे दिया, तेरी यादों ने फिर से बेवजह दखल दे दिया, तेरी यादों ने फिर से बेवजह दखल दे दिया, तेरी यादों ने फिर से बेवजह दखल दे दिय...
वर्षा की बूूँदेें कुुछ नयनों से चूूँ आयी याद तेरी फिर आयी याद तेरी फिर आयी। वर्षा की बूूँदेें कुुछ नयनों से चूूँ आयी याद तेरी फिर आयी याद तेरी फिर ...
अनुबंधों के सम्बन्धों में, सबकुछ आशातीत रहा तुम बिन मैं जीवित तो हूँ पर जीवन ना बीत र अनुबंधों के सम्बन्धों में, सबकुछ आशातीत रहा तुम बिन मैं जीवित तो हूँ पर जीवन...