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Vijay Kumar parashar "साखी"

Tragedy

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Tragedy

वेलेंटाइन डे मनाऊं कैसे

वेलेंटाइन डे मनाऊं कैसे

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आज के दिन वेलेंटाइन डे मनाऊं कैसे

मां भारती के बेटों को भूल जाऊं कैसे!

इसी दिन पुलवामा पे अटैक हुआ था,

आज मेरे 40 भाइयों का लहू बहा था,

उन शहीदों की कुर्बानी भूल जाऊं कैसे

आज के दिन वेलेंटाइन डे मनाऊं कैसे!

बहती अविरल अक्षुधारा सुखाऊँ

कैसे माता-पिता की दी सीख भुलाऊँ कैसे

शहीदों के श्रद्धा सुमन तोड़ जाऊं कैसे

उनकी अनमोल यादे तोड़ जाऊं कैसे!

आज के दिन वेलेंटाइन डे मनाऊं कैसे

मां भारती के बेटों को भूल जाऊं कैसे!

साखी तो करेगा आज बस पितृ-पूजन

मां भारती के बेटों का सुनाएगा भजन

प्यार करेगा तो सिर्फ अपनी पत्नी से,

पुरखों के दिये संस्कार मिटाऊं कैसे

आज के दिन वेलेंटाइन डे मनाऊं कैसे

पाश्चात्य का ये बेहूदा रंग चढाऊँ कैसे!


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