STORYMIRROR

Onika Setia

Abstract Romance Classics

4  

Onika Setia

Abstract Romance Classics

वाह ताज !

वाह ताज !

1 min
389

भारत की आन,

 महोब्बत की शान,

दुनिया की जान है है यह ताज ।  

 

इतिहास की धरोहर

 संस्कृतियों का सरोवर,

सभ्यता की पहचान है यह ताज।


कुदरत का करिश्मा,

कायनात का नगमा,

अमरता का वरदान है यह ताज।


पवित्रता का द्योतक,

शुद्धता का स्त्रोतक,

सौन्दर्य का प्रतिमान है यह ताज।


अनगिनित मजदूरों के,

 बुद्धिजीवियों व पारखियों के,

 अथक परिश्रम का फल है यह ताज।


अंत में हम,

 ह्रदय से नमन,

करते है तुझे ऐ ताज !

जब तक रहे यह जहान,


तेरी अमर रहे दास्ताँ,

हर दिल पुकारता रहे,

वाह ताज ! वाह ताज !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract