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Sanjay kumar Yadav

Romance

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Sanjay kumar Yadav

Romance

वादा मेरा है

वादा मेरा है

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ना मैंने कभी भी कही दिल लगाया

ना मैंने कभी किसी को अपना बनाया


अकेला रहा हूँ हरदम मैं यारों

ना दोस्त बनाया ना प्यार हुआ 


सोचा नहीं था मेरे हिस्से में भी

प्यार लिखा है तेरा साथ लिखा है


ना कटती थी रातें ना होता सवेरा

ये सुबह की लाली पर ना होता फेरा


तेरे आने से सब बदल सा गया है 

जैसे बिना मौसमें के बारिश हुआ है


गरजते ये बदल ये बिजली की शोर

तेरे आने की खुशबू फैली है चारों ओर


सब कुछ अब अच्छा लगने लगा है

जीने का मकसद समझ आ गया है


देना साथ तुम ओ मेरे प्रीतम

ये निर्मल का दिल अब तेरा हो गया है


रखना सदा हाथ मेरा पकड़कर

देना अपना प्यार मुझे जीवन भर


साथ निभाऊंगा ये वादा मेरा है

इस जनम क्या सातों जनम तक...



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