STORYMIRROR

Sanjay kumar Yadav

Others

3  

Sanjay kumar Yadav

Others

अरमानों का वो कारवां

अरमानों का वो कारवां

1 min
206

दस्तक दे बैठा है कहीं अरमानों का वो कारवां 

 जहाँ हर कोई बस मतलब से मिलता है


अब ना वो मेरी सुनता है 

और ना अब दिल की सुनता है 


गम के बादल घेरे हुए बैठा है वो मेरी तरफ 

और यहाँ हर कोई एक बारिश की बूंद के लिए तरसा है 


छोटी छोटी बातों को तो मैं नज़र अंदाज कर देता हूँ ,,

और वो मेरी बातों को दिल से लगा कर बैठा है



Rate this content
Log in