वादा करके मुकर गया
वादा करके मुकर गया
अनजाना शख्स जो मुझे अपना सा लगा ,
देकर बेवफाई का गम मुझे छोड़ कर गया !
वादा किया था कभी पर देखो मुकर गया ,
वो इश्क़ जो हुआ मुझसे अब किधर गया।
तड़पन बढ़ी और ये दिल बेताब होता रहा ,
नादान आशिक था वो मेरा किस डगर गया !
आसमान छू लिया था हमने प्यार का कभी ,
पर आज बेरुखी सहकर जीवन ठहर गया !
सौदा किया उसने प्यार का और भुला दिया ,
वो शख्स बेवफ़ा मुझसे नजरें फेर कर गया !
मंजिल बन मिला तो रास्ता अच्छा लगा मुझे ,
जिस पे रुह निसार वो कहाँ हमसफर गया !
वो चाँद मैं चाँदनी ये इश्क़ ने क्या बना दिया ,
छोड़ गया मुझे और वो भागकर शहर गया !
बेबाक है जुबां सुन ले मेरी, बोलती खूब है ,
है पाक इश्क़ देखकर मेरा आपा निखर गया !
