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V. Aaradhyaa

Tragedy

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V. Aaradhyaa

Tragedy

वादा करके मुकर गया

वादा करके मुकर गया

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अनजाना शख्स जो मुझे अपना सा लगा ,

देकर बेवफाई का गम मुझे छोड़ कर गया !


वादा किया था कभी पर देखो मुकर गया ,

वो इश्क़ जो हुआ मुझसे अब किधर गया।


तड़पन बढ़ी और ये दिल बेताब होता रहा ,

नादान आशिक था वो मेरा किस डगर गया !


आसमान छू लिया था हमने प्यार का कभी ,

पर आज बेरुखी सहकर जीवन ठहर गया !


सौदा किया उसने प्यार का और भुला दिया ,

वो शख्स बेवफ़ा मुझसे नजरें फेर कर गया !


मंजिल बन मिला तो रास्ता अच्छा लगा मुझे ,

जिस पे रुह निसार वो कहाँ हमसफर गया !


वो चाँद मैं चाँदनी ये इश्क़ ने क्या बना दिया ,

छोड़ गया मुझे और वो भागकर शहर गया !


बेबाक है जुबां सुन ले मेरी, बोलती खूब है ,

है पाक इश्क़ देखकर मेरा आपा निखर गया !



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