Meenakshi Kilawat
Drama
हाँ उठाई मैंने कलम विश्व में
होने वाले दूराचार मिटाने को।
यहाँ के दुख दर्द का बखान कर
इस भविष्य को सँवारने को।।
ग़ज़ल-गरीबी में...
गज़ल *नहीं ब...
गजल - मुस्कुर...
गजल-जहां मे...
गजल* *ग़म भुला...
योग को एक मित...
शीर्षक *...
ग़ज़ल,जहां म...
ग़ज़ल *जमाने ...
इन्हीं दिनों में ज़िंदगी मेरी परवान चढ़ी इन्हीं दिनों में तमन्नाओं को उमंग मिला। इन्हीं दिनों में ज़िंदगी मेरी परवान चढ़ी इन्हीं दिनों में तमन्नाओं को उमंग मि...
यादों की राख बची सिर्फ जेहन में मै उसके लिए वो मेरे लिए मर गया। यादों की राख बची सिर्फ जेहन में मै उसके लिए वो मेरे लिए मर गया।
मुझे क्या फ़िक्र मैं कश्तियां और दोस्त बेमिसाल लिए बैठा हूँ........ मुझे क्या फ़िक्र मैं कश्तियां और दोस्त बेमिसाल लिए बैठा हूँ........
कुछ अनकहे अल्फाज़ कुछ न समझ इशारे कुछ अनकहे अल्फाज़ कुछ न समझ इशारे
इस कविता की शैली में छुपी होंगी अनगिनत भावनाएं, शब्दों के मंजीर में बंद होंगे। इस कविता की शैली में छुपी होंगी अनगिनत भावनाएं, शब्दों के मंजीर में बंद होंगे...
तेरे हुस्न में दीवाना बनकर, तेरी गज़ल मुझे गाने दे। तेरे हुस्न में दीवाना बनकर, तेरी गज़ल मुझे गाने दे।
बेरुखी लिए दर से खुशियों की बरसात का मौसम कैसे लौट गया ? बेरुखी लिए दर से खुशियों की बरसात का मौसम कैसे लौट गया ?
"प्यार तो है हमेशा, अपनी भाषा में सीखता है"। "प्यार तो है हमेशा, अपनी भाषा में सीखता है"।
मैं दान नहीं कर रहा तुम्हें मोहब्बत के एक और बंधन में बाँध रहा हूँ उसे बखूबी निभाना तुम...! मैं दान नहीं कर रहा तुम्हें मोहब्बत के एक और बंधन में बाँध रहा हूँ उसे बखूब...
दरियाँ के लहरों में छुपी है तेरी आहट, सबसे कह रही है तू ज़िंदगी का राज़ है। दरियाँ के लहरों में छुपी है तेरी आहट, सबसे कह रही है तू ज़िंदगी का राज़ है।
जो कामचोर, आलसी लोग है, भयंकर वो पथ भ्रष्ट होते है, और करते है, नर जो कामचोर, आलसी लोग है, भयंकर वो पथ भ्रष्ट होते है, और करते है, नर
कैसे उनका पता पाता जेबों का वजन कम था। कैसे उनका पता पाता जेबों का वजन कम था।
जहां जिसकी जरूरत वैसी ही हो जाती है। जहां जिसकी जरूरत वैसी ही हो जाती है।
और जो आसमान से टूट के गिरा था वो तारा नही वो हम थे ! और जो आसमान से टूट के गिरा था वो तारा नही वो हम थे !
गरज के बरसे वो कुछ ऐसे की, हम रह गए तेरी यादों की बारिश बनकर। गरज के बरसे वो कुछ ऐसे की, हम रह गए तेरी यादों की बारिश बनकर।
छोटा बड़ा कोई पद न होता जरूरी पति प्रेम होता खुशहाल जीवन में। छोटा बड़ा कोई पद न होता जरूरी पति प्रेम होता खुशहाल जीवन में।
पैसा न हो पास, अपने वस्त्र भीतर अपनी जेल है।। पैसा न हो पास, अपने वस्त्र भीतर अपनी जेल है।।
तेरे प्यार में मैं हर पल दिवानी सी लगती हूं।। तेरे प्यार में मैं हर पल दिवानी सी लगती हूं।।
हो सके तो कभी किसी के सहारे न चले अपनी करनी से ही,कीचड़ में कमल खिले। हो सके तो कभी किसी के सहारे न चले अपनी करनी से ही,कीचड़ में कमल खिले।
नहीं रहे शकते तेरे बिना ज़ानेमन, मुझे तुजसे मोहब्बत है। नहीं रहे शकते तेरे बिना ज़ानेमन, मुझे तुजसे मोहब्बत है।