STORYMIRROR

Kaustubh Wadate

Drama

3  

Kaustubh Wadate

Drama

रंग

रंग

1 min
235

रंगीन से भी गहरा कोई

अंग लग गया है।


साँसाें से भरा किसी का

संग लग गया है


किसी अंधेरी दीवार से 

कभी टकराई थी

तेरी फूलोंसी राेशनी


उस दीवार काे अब

खुल के जीने का

रंग लग गया है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama