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Kaustubh Wadate

Abstract

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Kaustubh Wadate

Abstract

बारिश देखता रेहेता हूँ..

बारिश देखता रेहेता हूँ..

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कुछ पाना हैं,

कुछ हाेना हैं,


कुछ करना हैं,

कुछ बनना हैं,


बंद मन से ये

साेचता रहता हूँ,


घर में बैठकर मैं बस

बारिश देखता रहता हूँ।


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