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Kaustubh Wadate

Abstract

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Kaustubh Wadate

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एक चाय की चुस्की..

एक चाय की चुस्की..

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एक चाय की चुस्की 

जगा देती हैं नींद से

प्यारे सपनाें काे

दूर भगा देती हैं


जाे सपने हाेते हैं 

कुछ करने के 

कुछ बनने के 

कुछ उड़ने के 


कुछ बढ़ने के 

कुछ मिलने के 

कुछ खिलने के 

कुछ कहने के

 

कुछ सुनने के 

कुछ होने के 

कुछ जीने के 


सपने जागते रहते हैं

गहरी नींद में भी 

पर एक चाय की चुस्की 

जगा देती हैं नींद से


और आज की कड़वी

सच्चाई दिखा देती हैं,

आज कहाँ हैं,

ये बता देती हैं 


आज की राेज-मर्रा सुना देती हैं 

प्यारे सपनाें काे दूर भगा देती हैं

बस एक चाय की चुस्की

लेकिन ज्यादा चाय पीना

सेहत के लिए अच्छा नहीं होता।


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