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Sanjay Kumar Jain Pathik

Romance Tragedy Classics


4.5  

Sanjay Kumar Jain Pathik

Romance Tragedy Classics


उसकी सिल्वर जुबली

उसकी सिल्वर जुबली

1 min 256 1 min 256

वो अभी तक है

उतनी ही खूबसूरत

जवां और हसीं

ये भी सच है कि

उसे कभी छुआ भी नहीं


अब 25 सालों से 

देखा भी नहीं

आज उसने पहली बार कहा

मुझे लिखो

मैं खोजना चाहता हूँ


वो कलम

जो उसे लिख सके

मगर अपने हाथों से

वो कलम कर दी थी

किसी और के हवाले

जो ले गया 7समंदर पार


वो दर्द का दुश्मन है

Pain specialist

और मैं दर्द ही दर्द

मेरे मौन का सुधी

समझो अर्थ

खुश रहो, आबाद रहो


जन्मों तुम दोनों साथ रहो

और मैं 

तुम्हें याद करते हुए

अपनी सीमा में रहूं

बस और क्या कहूँ।


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