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Jeet Baral

Fantasy

4  

Jeet Baral

Fantasy

उस पार

उस पार

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चल मांझी ले चल मुझे उस पार

दूर है प्रदेश निकाल ले पतवार


है सुनहरी धूप अभी माना

और मौसम भी है सुहाना


बिन प्रिया'ये सब है बेकार

चल मांझी ले चल मुझे उस पार।


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