उनसे मुलाकात हो गई।
उनसे मुलाकात हो गई।
इन गमों ने जिन्दगी को जीना सिखा दिया है।
दर्द ए जख्मों ने लबों को हंसना बता दिया है।।1।।
बाद ए मुद्दत आज उनसे मुलाकात हो गई।
आज फिर वो हमको रुला कर चला गया है।।2।।
यकीं ना हो रहा है बड़ी मुद्दतों बाद हंसे है।
अंधेरों को कुछ जुगनुओं ने झिलमिला दिया है।।3।।
जबसे खबर लगी है बहारों को कि तू आ रहा है।
रागिनी ने घर को खुशबुओं से महका दिया है।।4।।
तेरे इस्तकबाल को ये कायनात भी है मुंतजर।
चांद तारों ने दीवार ओ दर को चमका दिया है।।5।।
चिंता ना हमें सफर की कि मंजिल कब मिलेगी।
मेहरबां खुदा ने हमको तुमसे से मिला दिया है।।6।।

