उम्र की इकाइयाँ, दहाइयँ
उम्र की इकाइयाँ, दहाइयँ
उम्र की इकाइयाँ, दहाइयाँ बढ़ती चली
मन की शून्यता संवरती रही
कसक इकाइयों दहाइयों संग डूबने की
शून्यता से संवरने लगी
कभी ईकाई दहाई शून्य से हारती
तो कभी ये शिथिलता बन शून्य को डराती
तन शिथिल हो डराने लगा
निकम्मा, मन को हराने चला
पर मन तो मन है
पंख इसको बड़े गज़ब लगे
वो तो
हर इकाई दहाई से परे हो उड़े !
