उम्र और दूरी
उम्र और दूरी
प्यार, चाहत, मोहब्बत,
अभी छूटी कहाँ है आदत।
चखी नहीं है मदिरा कभी,
क्योंकि आप जो हैं इतने मादक।।
हमें लिखने में करने में,
दोनों में आती है शरम।
मगर आपको आती होगी,
ये निकला हमारा भरम।।
सारे सच झूठ की सीमायें ,
यहीं पर शुरू, यहीं पर ख़तम।
जी हाँ, आप जब से बने हो,
हमनवां, हमसफर, हमकदम।।
वो और हैं जो समझते हैं इनको,
फालतू की बातें पूरी की पूरी।
दरअसल, धीरे धीरे मचलती है दुनिया,
उम्र के साथ जब घटती जाती है दूरी।।

