STORYMIRROR

Anuradha Negi

Action

4  

Anuradha Negi

Action

उम्मीद

उम्मीद

1 min
264

यही कि कभी तो दिल को खुशी होगी

पूरी तरह से नही लेकिन अधूरी होगी

क्यों रोऊँ कब तक गाऊँ दुखों के गीत

कभी तो कृपा होगी उसकी ये है उम्मीद।


बेटा जाय तो कर्तव्य है उसका जाने दो

बेटी जाय तो हर मुख पर उसे आने दो

क्या बेटा क्या बेटी क्या है ऊँच नीच

टूटकर भी ना टूटे ऐसी इस जग की रीत। 


बेटा जो करे वो स्वीकार होगी प्रीत

बेटी अगर करे बदनाम हुई सब के बीच

हाय कब छूटेगा ये अंदाज नारी के लिए

रोज टूटती है फिर भी कर बैठती उम्मीद। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action