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Sumit. Malhotra

Abstract Action

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Sumit. Malhotra

Abstract Action

प्रकृति के बिना।

प्रकृति के बिना।

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जो धरती पर जीने के लिए भगवान जी ने दिया, 

बहुमूल्य कीमती तोहफ़ा प्रकृति हमको है दिया।

 

प्रकृति हमारी वास्तविक माता जैसे तो होती है, 

जो नुकसान ना करके पालन पोषण करती है। 


प्रकृति के बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं होता, 

ना ही कोई पेड़-पौधे व पशु-पक्षी या हम भी होते। 


सूरज चाँद और तारे आदि सभी प्रकृति संसाधन, 

पहाड़ नदियाँ झरने ये सभी तो प्रकृति संसाधन। 


सबसे पहले प्रकृति ने जीव और जीवन बनाया है, 

जीवन वृद्धि करने को स्वस्थ पर्यावरण बनाया है।  


मानव और जीवों को स्वस्थ वातावरण दिया था, 

प्रकृति के उपहार का दुरुपयोग नहीं करना है। 


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