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Anil Jaswal

Abstract

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Anil Jaswal

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उल्टा सीधा एक समान

उल्टा सीधा एक समान

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इंसान जिंदगी भर कुछ न कुछ करता,

हर काम करने का तरीका अलग अलग,

कई काम एक ही ढ़ंग से हो पाते,

अगर करो,

कोई और उपाय,

तो लेने के देने पड़ जाएं।

कुछ काम ऐसे भी निकल आते,

उन्हें जहां मर्जी से शुरू करो,

कोई फर्क नहीं पड़ता,

करने की कोई निश्चित विधी नहीं होती,

यनि नतीजा एक सा रहता,

चाहे उल्टा करो,

चाहे सीधा करो,

परिणाम वैसा का वैसा,

ऐसे कामों में एतिहात का अधिक ध्यान,

नहीं देना पड़ता,

बस काम देखो,

उसे समझो,

और डट जाओ,

परिणाम का अधिक मत सोचो।



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