STORYMIRROR

Rakhi Tandon

Romance Tragedy

4  

Rakhi Tandon

Romance Tragedy

उदासी की लकीरें

उदासी की लकीरें

1 min
416

मेरे चेहरे पर जो भी उदासी की

लकीरें देखते हो

तुम्हारे होकर भी नहीं होने की

वजह मांगती हैं

मेरे आंखों में जो भी नमी का 

सैलाब देखते हो

बिना वजह रूठ जाने का

हिसाब मांगती है

मेरे दिल में जो भी दर्द की 

सुइयां चुभती है

उन्हें महसूस नही कर पाने का

हिसाब मांगती हैं

मैंने तो जाने अनजाने जो भी हक

अदा किए हैं

जिंदगी उन हकों को पूरा करने का 

सहाब मांगती है।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance