तू लिख एक फ़साना
तू लिख एक फ़साना
इब तो जंग हो या इश्क़ हो
तू हिम्मत रख.
आसान हो या हो मुश्किल
तू हिम्मत रख.
अब जंग हो या इश्क़ हो
तू हिम्मत रख.
आसान हो या हो मुश्किल
तू हिम्मत रख.
बदल से तू ज़रा
लरजाना सीख ले.
साहिल से तू ज़रा
टकराना सीख ले.
खुद को दी देख
फिर से तू यारा.
सीपी के अंदर जो है मोती
तू है वो यारा.
अब जंग हो या इश्क़ हो
तू हिम्मत रख.
आसान हो या हो मुश्किल
तू हिम्मत रख.
डरने से क्या होता है
आगे देखो जीत है, देख ले.
अँधेरे ढूँढना रौशनी में
तारो से सीख ले.
रोने से कुछ ना टेल
छुपके रह के क्या मिले.
गर्जना मिट्टी पे यूँ
बारिश से सीख ले.
डरने से क्या होता है
आगे देखो जीत है.
महबूब से जब भी मिलो
समझ लेना प्रीत है.
रोने से कुछ ना होगा
छुपके रह के क्या मिले.
गर्जना मिट्टी पे यूँ
बारिश से सीख ले.
खुद को दी देख
फिर से तू यारा.
तन्हाई के भीतर एक धारा
तू ही है वो दिलदारा.
अब जंग हो या इश्क़ हो
तू हिम्मत रख.
आसान हो या हो मुश्किल
तू हिम्मत रख.
रूखी सुखी धरती के
भीतर जैसे बहता जल.
वैसे यारों बहने दो
टूटा बीता खारा कल.
ना गिरना ना मुड़ना
न है भई पीछे चलना.
ना रुकना ना डरना
बस आगे अब तो जाना.
अंबर के रास्ते से ही जाना
पंछी हो चाँद को भी छूना.
अब जंग हो या इश्क़ हो
तू लिख एक फ़साना.
