STORYMIRROR

Nand Kumar

Abstract

3  

Nand Kumar

Abstract

तू ही सच्चा पिता है हमारा

तू ही सच्चा पिता है हमारा

1 min
403

तू ही सच्चा पिता है हमारा, 

तू ही दिलबर सनम जां से प्यारा ।

हो के तुमसे जुदा मेरे हमदम, 

कुछ न अस्तित्व होगा हमारा ।

जग की अनजान राहों पे भगवन, 

कर पकड कर दिया है सहारा ।

तेरे अनगिनत है उपकार हम पर, 

हमसे करना कभी ना किनारा ।

छूट जाए जगत कोई हो शत्रु पर, 

तुम से छूटे न रिश्ता हमारा ।

संग तेरा रहे हस के दुख सुख सहू, 

है नही मेरा तुम बिन गुजारा ।

तू ही सच्चा पिता है हमारा, 

तू ही दिलबर सनम जां से प्यारा ।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract