STORYMIRROR

Dishika Tiwari

Abstract

4  

Dishika Tiwari

Abstract

विद्या की देवी माता सरस्वती

विद्या की देवी माता सरस्वती

1 min
256

शिक्षा की बात जब आती है,

टीचर जब पढ़ाती है।


शिक्षा एक ऐसा धन जो आपसे

चाहकर भी छीन नहीं सकता,

जितना मर्जी बांट दो तब भी कम नहीं होता।


शिक्षा का अधिकार मिलता किसी किसी को,

जिनके पास है बांट दो हर किसी को।


ना डर है मन में ना भय,

सरस्वती माता की दिल से बोलेंगे जय।


मंजिल बेशक दूर है,

भगवान से जुड़ी विश्वास की डोर मजबूत है।


पढ़ लिख कर आगे बढ़ जाएंगे,

इस दुनिया को पीछे छोड़ जाएंगे।


जिनके पास शिक्षा नहीं उनको शिक्षा दिलवा आएंगे,

शिक्षा का अमृत सबको पिलाएंगे

शिक्षा का अमृत सबको पिलाएंगे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract