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Dishika Tiwari

Children Stories Inspirational Children

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Dishika Tiwari

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मन के भोले बादल

मन के भोले बादल

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मन के भोले बादल


मन मेरा है बहुत भोला,

दिल का मैंने दरवाजा खोला।


मन में बादल उमड़ रहे हैं,

मन ही मन में कुछ बोल रहे हैं।


मन कहता रहता है मेरा,

मन के भोले बादल ने मुझे गेरा।


सुबह-सुबह धूप निकले परंतु,

ख्वाइश मेरी गर्मी का मौसम ना हो।


ठंडी ठंडी हवा चले परंतु,

ख्वाहिश मेरी हवा के रूप में आंधी ना हो।


आसमान हो परंतु नीला ना हो,

वर्षा का मौसम हो पर वर्षा ना हो।


मौसम रहे परंतु हल्का पीलापन,

यह सब चीजें अब ढूंढे मेरा मन।


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